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Story of champions -failure and comeback

Story of champions -failure and comeback

🏏 Match Summary & Key Highlights

Story of champions -failure and comeback Virat Kohli

विराट कोहली की कहानी: दिल्ली के लड़के से क्रिकेट के विराट नाम तक कुछ लोग क्रिकेट खेलते हैं और कुछ लोग क्रिकेट के एक दौर की पहचान बन जाते हैं। विराट कोहली इसी दूसरी category में आते हैं। 5 नवंबर 1988 को दिल्ली में जन्मा एक लड़का, जिसे बचपन से ही क्रिकेट का जुनून था, आगे चलकर ऐसा खिलाड़ी बना जिसके नाम से ही दुनिया भर के क्रिकेट फैंस की धड़कन तेज हो जाती थी। लेकिन भाई, विराट की कहानी सिर्फ शतकों और रिकॉर्ड्स की कहानी नहीं है। इसमें मेहनत है, संघर्ष है, पिता को खोने का दर्द है, कप्तानी का दबाव है, खराब फॉर्म का दौर है और फिर जोरदार comeback भी है। शुरुआत हुई दिल्ली से विराट कोहली का जन्म दिल्ली में हुआ। बचपन से ही उनका पूरा ध्यान क्रिकेट पर था। उनके पिता प्रेम कोहली ने उनके क्रिकेट के जुनून को समझा और विराट को छोटी उम्र में ही क्रिकेट की ट्रेनिंग दिलानी शुरू कर दी। विराट ने दिल्ली की क्रिकेट अकादमी में कोच राजकुमार शर्मा से ट्रेनिंग ली। यहीं से एक ऐसे खिलाड़ी की नींव पड़ी, जो आगे चलकर भारतीय क्रिकेट का बड़ा नाम बनने वाला था। 18 साल की उम्र में जिंदगी ने बड़ा झटका दिया 2006 में विराट सिर्फ 18 साल के थे। वह दिल्ली के लिए रणजी ट्रॉफी खेल रहे थे। तभी उनके पिता का निधन हो गया। सोचिए, जिस उम्र में ज्यादातर लड़के जिंदगी को समझना शुरू करते हैं, उस उम्र में विराट ने अपने पिता को खो दिया। लेकिन अगले ही दिन उन्होंने मैदान पर उतरकर अपनी पारी पूरी की। यही वो पल था जिसने विराट को अंदर से बदल दिया। क्रिकेट अब सिर्फ उनका पसंदीदा खेल नहीं था। अब क्रिकेट ही उनका रास्ता था। 2008: अंडर-19 विश्व कप ने बदल दी जिंदगी 2008 में विराट कोहली भारत की अंडर-19 टीम के कप्तान बने। और भाई, यहां विराट ने अपना जलवा दिखा दिया। उन्होंने भारत को Under-19 World Cup जिताया। इसके बाद IPL में मौका मिला और फिर भारतीय टीम के दरवाजे भी खुल गए। 18 अगस्त 2008 को विराट ने श्रीलंका के खिलाफ अपना ODI debut किया। पहली पारी में सिर्फ 12 रन आए। लेकिन किसी को क्या पता था कि यही लड़का आगे चलकर ODI क्रिकेट के सबसे बड़े run-scorers में शामिल होने वाला है। 2009: पहला शतक 2009 में श्रीलंका के खिलाफ विराट ने अपना पहला ODI शतक लगाया। इसके बाद तो मानो गाड़ी चल पड़ी। रन आते गए। शतक आते गए। और विराट का confidence लगातार बढ़ता गया। धीरे-धीरे लोग समझने लगे थे कि यह खिलाड़ी कुछ अलग है। 2011: World Cup और सपना पूरा 2011 का World Cup भारत में खेला जा रहा था। विराट सिर्फ 22 साल के थे। उन्होंने टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन किया और फाइनल में भी टीम का हिस्सा रहे। फाइनल में भारत ने श्रीलंका को हराया और 28 साल बाद World Cup अपने नाम किया। एक युवा विराट के लिए इससे बड़ा सपना क्या हो सकता था? जिस खिलाड़ी ने बचपन में भारत के लिए खेलने का सपना देखा था, वह अब अपने देश के लिए World Cup जीत चुका था। लेकिन असली कहानी अभी शुरू हुई थी। फिर आया विराट का असली दौर 2012 के बाद विराट कोहली ने ODI क्रिकेट में ऐसा दबदबा बनाया कि उनका नाम दुनिया के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में गिना जाने लगा। खासकर run chase में तो विराट का अलग ही level था। Target बड़ा हो? Pressure ज्यादा हो? Match फंस गया हो? बस विराट क्रीज पर खड़े हैं तो भारतीय फैंस को भरोसा रहता था— “भाई, अभी मैच बाकी है।” 2013: Champions Trophy 2013 में भारत ने Champions Trophy जीती। विराट टीम के अहम खिलाड़ियों में शामिल थे। इसी दौर में उनकी leadership qualities भी सामने आने लगीं। वह सिर्फ बल्लेबाज नहीं रहे। अब उनमें captain बनने की झलक साफ दिखाई देने लगी थी। 2014: कप्तानी का नया chapter 2014 में विराट ने भारतीय Test team की कप्तानी संभाली। और Australia के खिलाफ Adelaide Test में उन्होंने कप्तान के तौर पर दोनों पारियों में शतक जड़ दिया। यहीं से शुरू हुआ Captain Kohli का era। विराट की कप्तानी में भारतीय टीम ने fitness, aggression और overseas Test cricket पर काफी जोर दिया। 2018-19: Australia में इतिहास भाई, भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े overseas moments में से एक आया 2018-19 में। विराट कोहली की कप्तानी में भारत ने Australia को उसकी धरती पर Test series में हरा दिया। भारत ने पहली बार Australia में Test series जीती। यह सिर्फ एक series जीत नहीं थी। यह भारतीय Test cricket के लिए बड़ा milestone था। लेकिन फिर आया मुश्किल दौर हर बड़े खिलाड़ी की जिंदगी में ऐसा वक्त आता है जब चीजें उसके हिसाब से नहीं चलतीं। विराट के साथ भी ऐसा हुआ। उनके बल्ले से लंबे समय तक international century नहीं आई। आलोचना होने लगी। सवाल उठने लगे। जिस खिलाड़ी से हर मैच में शतक की उम्मीद की जाती थी, उसी खिलाड़ी के लिए लोग कहने लगे— “क्या विराट का best खत्म हो गया?” लेकिन विराट ने जवाब शब्दों से नहीं दिया। उन्होंने बल्ले से दिया। 2022: पाकिस्तान के खिलाफ वो पारी T20 World Cup में भारत का मुकाबला पाकिस्तान से था। भारत की हालत खराब थी। 31 रन पर चार विकेट गिर चुके थे। मैच हाथ से निकलता दिख रहा था। लेकिन फिर विराट कोहली ने मोर्चा संभाला। उन्होंने नाबाद 82 रन बनाए। आखिरी ओवर तक मैच को जिंदा रखा। और भारत ने पाकिस्तान को हरा दिया। उस रात विराट ने एक बार फिर साबित कर दिया— बड़ा खिलाड़ी वही है जो बड़े मौके पर खड़ा हो। 2023: रिकॉर्ड टूटे, विराट फिर अपने रंग में 2023 में विराट ने शानदार comeback किया। ODI World Cup में उनका बल्ला जमकर बोला। उन्होंने अपना 50वां ODI शतक लगाया। और ODI centuries के मामले में सचिन तेंदुलकर के 49 शतकों के record को पीछे छोड़ दिया। स्टेडियम में सचिन मौजूद थे। विराट ने सचिन को नमन किया। और वह पल क्रिकेट के सबसे खूबसूरत moments में से एक बन गया। 2024: World Cup Final में फिर विराट 2024 T20 World Cup में विराट की शुरुआत अच्छी नहीं रही। लेकिन Final में जब भारत को उनकी जरूरत थी, तब विराट खड़े हो गए। South Africa के खिलाफ Final में उन्होंने 76 रन की शानदार पारी खेली। भारत ने 7 रन से मैच जीत लिया। भारत World Champion बन गया। विराट को Player of the Match चुना गया। और इसके बाद विराट ने T20 International से retirement की घोषणा कर दी। यानी जिस format में उन्होंने भारत के लिए इतने साल खेले, उसे World Cup जीतकर अलविदा कहा। क्या farewell था भाई! 2025: Test cricket को भी कहा अलविदा मई 2025 में विराट कोहली ने Test cricket से retirement की घोषणा की। उनका Test career 123 मैचों, 9,230 runs और 30 centuries के साथ खत्म हुआ। कप्तान के तौर पर उन्होंने भारत को 40 Test victories दिलाईं। उनकी कप्तानी में भारत ने Australia में पहली बार Test series जीती। लेकिन ODI वाली कहानी अभी बाकी थी Test और T20 International से retirement के बाद विराट ODI cricket में बने रहे। 2025 Champions Trophy में Pakistan के खिलाफ उन्होंने century लगाई। यह उनकी 51वीं ODI century थी। और 2026 तक भी विराट ODI cricket में भारत के लिए खेलते रहे। उनकी नजर अब 2027 ODI World Cup पर है। यानी भाई— कहानी खत्म नहीं हुई है। --- विराट कोहली आखिर इतने खास क्यों हैं? क्योंकि उनकी कहानी सिर्फ talent की नहीं है। उन्होंने खुद को समय के साथ बदला। Fitness को seriously लिया। अपने खेल पर लगातार काम किया। Pressure झेला। Criticism सुना। Form का खराब दौर देखा। लेकिन फिर वापस आए। और यही चीज विराट को सिर्फ एक महान बल्लेबाज से आगे ले जाती है। उनकी कहानी हमें एक बात सिखाती है— आप कितनी बार गिरते हैं, उससे ज्यादा जरूरी यह है कि आप कितनी बार वापस खड़े होते हैं। दिल्ली का वो बच्चा, जिसने कभी भारत के लिए खेलने का सपना देखा था, आज भारतीय क्रिकेट की सबसे बड़ी कहानियों में से एक है। विराट कोहली की कहानी अभी खत्म नहीं हुई है। ODI cricket में उनका अगला chapter अभी लिखा जाना बाकी है।.

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Vivek kumar

Sports Journalist & Senior Cricket Columnist at CricMilan. Dedicated to bringing ball-by-ball analysis, player statistics, and unfiltered locker-room stories.